दो बाज - प्रेरक कहानी, जो आपको बहुमूल्य सीख देती है


किसी मुल्क में एक एक बहोत ही न्यायप्रिय राजा रहा करते थे. वह न्यायप्रिय होने के साथ साथ अपने राज्य के हर छोटे से छोटे और गरीब से गरीब व्यक्तियों के साथ भला बर्ताव करता था. जिस वजह से अपनी प्रजा में वो बेहद लोकप्रिय थे. 

लोगो का उनके प्रति प्रेम इस कदर गहरा था कि हर कोई आए दिन राजा को अपनी हैसियत के मुताबिक तोहफे दिया करता. वहीं राजा भी उनको अपने शाही खजाने से तोहफे देकर बदला दिया करते. 

ऐसे ही एक दिन राजा को तोहफे में दो परिंदे (पक्षी) मिले. वो परिंदे असल में ऊंचे किस्म के बाज थे. राजा ने अपनी पूरी जिंदगी में ऐसे बाज पहले कभी नही देखे थे. इतना नायाब तोहफा पाकर वो खुश हुए और अपने खास वजीर को कहा कि दोनों बाज पक्षी के लिए खान-पान का इंतजाम करें फिर उन्हें शाही बागीचे में उड़ने के लिए छोड़ दिया जाए. वजीर ने ठीक वैसा ही किया जैसा उन्हें कहा गया. 

अगले दिन राजा ने दरबार का कामकाज निपटाकर वजीर से उन दो बाज पक्षी का हालचाल पूछा. वजीर ने बताया कि दोनों बाज में से एक बाज ऊंची उड़ान भर रहा है मगर दूसरा बाज एक पेड़ की टहनी पर बैठा हुआ है और उड़ नही रहा. 

राजा हैरान हुए की बाज तो दोनों एक ही किस्म के है तो दूसरा बाज उड़ान भरने की बजाय पेड़ पर क्यों बैठा रहता है ? 

इसी तरह घंटे दिन और दिन महीनों में ढल गए लेकिन वह बाज न उड़ सका. आखिर राजा ने राज्य में वजीर को कहा कि पूरे राज्य में घूमकर कहीं से भी किसी ऐसे व्यक्ति को ले आओ जो बरसों जंगलो में गुजार चुका हो और जिसे परिंदो की चाल-चलगत का अनुभव हो. 

तलाश के बाद वजीर ने एक बूढ़े आदमी को राजा के सामने पेश किया और बताया कि ये पक्षियों के हावभाव जानने में माहिर है. राजा ने उस आदमी को दोनों बाज पक्षियों के बारे में बताया और कहा कि एक बाज पेड़ की टहनी पर ही दिन-रात गुजार देता है जब कि दूसरा बाज ऊंची उड़ान भरता है. 

आदमी ने राजा से एक दिन की महोलत मांगी. एक दिन के बाद जब राजा अपने शाही बागीचे में टहलने निकले तो देखा कि दोनों बाज ऊंची उड़ान भर रहे थे. राजा हैरान हुए की इस आदमी ने ऐसा क्या कर दिखाया कि एक ही दिन में बाज पेड़ की टहनी छोड़कर ऊंचा उड़ रहा है !!

राजा ने उस बूढ़े आदमी को दरबार मे बुलाया और इसकी वजह पूछी. बूढ़े आदमी ने जवाब दिया कि मैंने और तो कुछ खास नही किया बस पेड़ की जिस टहनी पर बाज बैठा करता था मैंने वो टहनी काट दी. 

ये कहानी हमारी जिंदगी के लिए बहोत बड़ा सबक है. हमे जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए मौके तो बहोत मिलते है लेकिन हम अपनी सुख-सुविधाओं और बेमतलब परंपराओं से बाहर कदम ही नही रखना चाहते. नई परीक्षा और नए तजुर्बे जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है. 

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